
Best Wood For Furniture Making
आज के समय में सबसे बड़ा सवाल है कि घर के फर्नीचर के लिए कौन सी लकड़ी चुननी चाहिए। हर कोई चाहता है कि उसका सोफा, बेड, डाइनिंग टेबल या लकड़ी का मंदिर खूबसूरत दिखे और लंबे समय तक इस्तेमाल हो सके। लेकिन केवल महंगी लकड़ी खरीद लेने से टिकाऊ फर्नीचर की गारंटी नहीं मिलती।
लकड़ी की गुणवत्ता, सही सीजनिंग, जरूरत के अनुसार ट्रीटमेंट और कारीगर की मेहनत मिलकर फर्नीचर को बेहतर बनाते हैं। शीशम और सागवान भारतीय घरों में इस्तेमाल होने वाले लोकप्रिय विकल्प हैं। आइए समझें कि इनकी क्या खूबियाँ हैं और फर्नीचर बनवाते समय किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।
1. Best Wood For Furniture Making: सागवान की लकड़ी

सागवान को Teak Wood भी कहा जाता है। इसका आकर्षक रंग और प्राकृतिक रेशों का पैटर्न फर्नीचर को सुंदर रूप देता है। इससे बेड, सोफा सेट, डाइनिंग टेबल, झूले और नक्काशीदार मंदिर तैयार किए जाते हैं। सागवान की अंदरूनी परिपक्व लकड़ी में प्राकृतिक टिकाऊपन होता है। हालांकि इसकी गुणवत्ता लकड़ी के हिस्से, स्रोत और तैयारी के अनुसार बदल सकती है। इसलिए हर सागवान के फर्नीचर को पूरी तरह दीमकरोधी मानना सही नहीं है।
रॉयल फर्नीचर बनवाते समय केवल लकड़ी का नाम पूछने के बजाय उसकी गुणवत्ता, सीजनिंग और निर्माण की जानकारी भी लें। अच्छी लकड़ी पर सलीके से की गई नक्काशी और फिनिशिंग उसके प्राकृतिक सौंदर्य को उभारती है।
2. Best Wood For Furniture Making: शीशम की लकड़ी

शीशम की लकड़ी अपने सुंदर रेशों और मजबूत बनावट के कारण पसंद की जाती है। इसके भूरे रंग में दिखाई देने वाली गहरी धारियाँ हर फर्नीचर को अलग पहचान देती हैं। प्राकृतिक वुड फिनिश पसंद करने वालों के लिए यह आकर्षक विकल्प है। शीशम से बेड, सोफ़ा, कुर्सियाँ, सेंटर टेबल, अलमारी और पारंपरिक नक्काशीदार फर्नीचर बनाया जाता है। लकड़ी की अच्छी तैयारी होने पर इससे रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए उपयोगी फर्नीचर तैयार किया जा सकता है।
घर के लिए फर्नीचर चुनते समय शीशम और सागवान की तुलना केवल कीमत से न करें। अपने पसंदीदा डिजाइन, इस्तेमाल, उपलब्ध गुणवत्ता और बजट के आधार पर निर्णय लें। मजबूत जोड़ और सही निर्माण भी उतने ही जरूरी हैं।
3. नीम और आम की लकड़ी भी है उपयोगी
फर्नीचर बनाने में शीशम और सागवान के अलावा आम तथा नीम की लकड़ी भी इस्तेमाल होती है। आम की लकड़ी से सजावटी सामान, टेबल और विभिन्न घरेलू फर्नीचर तैयार किए जाते हैं। नीम का उपयोग भी जरूरत और उपलब्धता के अनुसार होता है।
हर लकड़ी की बनावट और काम करने की विशेषताएँ अलग होती हैं। इसलिए एक ही लकड़ी को हर प्रकार के फर्नीचर के लिए सबसे अच्छा बताना उचित नहीं होगा। अनुभवी निर्माता आपके डिजाइन के अनुसार विकल्प समझा सकता है।
4. लकड़ी की सीजनिंग क्यों जरूरी है?
सीजनिंग का मतलब लकड़ी को नियंत्रित तरीके से सुखाकर उसकी नमी को उपयोग के अनुकूल बनाना है। अधिक नमी वाली लकड़ी से फर्नीचर बनाने पर बाद में सिकुड़न, टेढ़ापन, दरारें या जोड़ खुलने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। सही सुखाने और भंडारण से नमी के कारण होने वाले बदलाव कम करने में मदद मिलती है।सीजनिंग प्राकृतिक हवा में या नियंत्रित भट्ठी, यानी किल्न, में की जा सकती है। सही तरीका लकड़ी की प्रजाति और मोटाई पर निर्भर करता है।
फर्नीचर के लिए नमी का उपयुक्त स्तर स्थानीय मौसम और इस्तेमाल की जगह के अनुसार तय होना चाहिए। इसलिए किसी एक प्रतिशत को हर परिस्थिति के लिए सही मानने के बजाय निर्माता से मॉइस्चर मीटर द्वारा जाँच की जानकारी माँगें।
5. ट्रीटमेंट से लकड़ी की सुरक्षा में मदद
लकड़ी को कीड़ों और फफूंद से बचाने के लिए जरूरत के अनुसार प्रिजर्वेटिव ट्रीटमेंट किया जाता है। कुछ प्रक्रियाओं में बोरिक एसिड और बोरेक्स जैसे बोरॉन आधारित पदार्थ इस्तेमाल होते हैं। उपयुक्त ट्रीटमेंट लकड़ी की सुरक्षा में मदद कर सकता है। ट्रीटमेंट की प्रभावशीलता इस्तेमाल किए गए पदार्थ, प्रक्रिया और लकड़ी की स्थिति पर निर्भर करती है। इसलिए केवल ट्रीटमेंट के आधार पर फर्नीचर की उम्र निश्चित रूप से दस या पंद्रह वर्ष बढ़ने का दावा नहीं करना चाहिए।
सीजनिंग और ट्रीटमेंट अलग काम करते हैं। सीजनिंग नमी नियंत्रित करती है, जबकि ट्रीटमेंट का उद्देश्य जैविक नुकसान से सुरक्षा बढ़ाना होता है।
6. फर्नीचर खरीदते समय केवल चमक न देखें
नई पॉलिश देखकर लकड़ी की असली गुणवत्ता पहचानना मुश्किल हो सकता है। खरीदने से पहले ये बातें पूछें:
- फर्नीचर किस लकड़ी से बनाया गया है?
- मुख्य फ्रेम और दूसरे हिस्सों में कौन सी सामग्री है?
- लकड़ी की सीजनिंग और नमी की जाँच हुई है?
- आवश्यक ट्रीटमेंट किया गया है?
- जोड़, दराज और दरवाजे ठीक काम करते हैं?
- देखभाल और वारंटी की क्या शर्तें हैं?
इन सवालों से आपको कीमत के साथ वास्तविक गुणवत्ता समझने में मदद मिलेगी।
7. सही देखभाल से फर्नीचर रखें बेहतर
लकड़ी के फर्नीचर को लंबे समय तक अच्छा रखने के लिए पानी गिरने पर तुरंत पोंछें। सफाई के लिए मुलायम कपड़ा इस्तेमाल करें और अत्यधिक गीले कपड़े से बचें। गर्म बर्तन सीधे रखने के बजाय मैट लगाएँ। फर्नीचर को लगातार तेज धूप, सीलन और पानी के संपर्क से बचाएँ। छोटे छेद, लकड़ी का बुरादा या दीमक के निशान दिखाई दें तो विशेषज्ञ से जाँच कराएँ। लकड़ी की नमी आसपास की हवा और तापमान से प्रभावित होती है।
हम (शाल्विका लिविंग) लंबे समय से सागवान और शीशम की लकड़ी में नक्काशीदार रॉयल फर्नीचर बना रहे है, हमारे सभी फर्नीचर सहारनपुर के कुशल कारीगरों द्वारा हाथ से बनाए और डिजाइन किए जाते हैं।
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